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पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में महिलाओं को शरीर में कई हिसà¥â€à¤¸à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ महसूस होता है और इस समय उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ जोड़ों में दरà¥à¤¦ à¤à¥€ होना à¤à¥€ आम बात है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं लेकिन कà¥à¤› बदलाव बरà¥à¤¦à¤¾à¤¶à¥â€à¤¤ से बाहर होते हैं। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में आठशारीरिक बदलावों की वजह से जोड़ों और मांसपेशियों में दरà¥à¤¦ बढ़ सकता है। इस समय हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलावों के साथ बेबी बंप की वजह से à¤à¥€ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ पर पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° पड़ सकता है और आपको सही पोसà¥â€à¤šà¤° में रहने में दिकà¥â€à¤•त आ सकती है। इससे जोड़ों पर à¤à¥€ सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ पड़ता है और आपको असहज महसूस होने लगता है।इस आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल में हम आपको गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में होने वाले जोड़ों में दरà¥à¤¦ के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारणों के बारे में बता रहे हैं।
​जोड़ों में दरà¥à¤¦ का कारण
मरà¥à¤¸à¥€ मेडिकल सेंटर के गायनेकोलोजिसà¥â€à¤Ÿ कैरोलिन कोकà¥â€à¤¸ का कहना है कि पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में कई कारणों से जोड़ों में दरà¥à¤¦ होता है। इसमें रिलैâ€à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ के कारण लिगामेंट के रिलैकà¥â€à¤¸ होने, पैरों पर वजन के बढ़ते दबाव और पोसà¥â€à¤šà¤° में बदलाव आना शामिल है।
इसके अलावा पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में जोड़ों में दरà¥à¤¦ होने के और à¤à¥€ कà¥à¤› आम कारण हैं, जैसे कि :
​गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का बढ़ना
अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑबà¥â€à¤¸à¤Ÿà¥‡à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤¨ à¤à¤‚ड गायनेकोलोजिसà¥â€à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के फैलने पर सेंटर ऑफ गà¥à¤°à¥ˆà¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ बदल जाती है और पेट की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं।
सेंटर ऑफ गà¥à¤°à¥ˆà¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ बदलने पर सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ पैदा होता है और कमर के निचले हिसà¥â€à¤¸à¥‹à¤‚ में जगह-जगह पर दरà¥à¤¦ महसूस होने लगता है।
​वजन बढ़ना
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में सिरà¥à¤« आपके पेट का ही वजन नहीं बढ़ता है। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के फैलने पर शरीर के अनà¥â€à¤¯ हिसà¥â€à¤¸à¥‡ à¤à¥€ बढ़ते हैं। कूलà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ का खासतौर पर वजन बढ़ता है जिससे हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और जोड़ों पर सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ पड़ने लगता है और लेटने, बैठने या चलने पर इन हिसà¥â€à¤¸à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ महसूस होता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी हारà¥à¤®à¥‹à¤‚स
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी हारà¥à¤®à¥‹à¤‚स रिलैकà¥â€à¤¸à¤¿à¤¨ और पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ के रिलीज होने की वजह से जोड़ों के लिगामेंट नरम हो जाते हैं और इनमें दरà¥à¤¦ होने लगता है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में रिलैकà¥à¤¸à¤¿à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ रिलीज होता है जो लिगामेंटà¥à¤¸ को ढीला कर देता है।
à¤à¤¸à¤¾ होने पर कà¥à¤› जोड़ अपनी सामानà¥â€à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤°à¤¤à¤¾ खो देते हैं जिससे रोजमरà¥à¤°à¤¾ के काम करने में जोड़ों में ढीलापन महसूस होता है।
​पोसà¥â€à¤šà¤° पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥â€à¤²à¤®
शरीर के आगे वाले हिसà¥â€à¤¸à¥‡ पर जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वजन होने से पोसà¥â€à¤šà¤° में बदलाव आता है। बचà¥â€à¤šà¥‡ के बढ़ने पर आपके पेट के आसपास का वजन बढ़ जाता है जिससे कूलà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ और कमर के निचले हिसà¥â€à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ हो सकता है। पोसà¥â€à¤šà¤° खराब होने की वजह से à¤à¥€ कूलà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ और कमर में दरà¥à¤¦ होता है।
​जोड़ों में दरà¥à¤¦ से बचने का तरीका
नियमित à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ की मदद से आप जोड़ों के दरà¥à¤¦ को कम कर सकती हैं। जिस जगह दरà¥à¤¦ हो रहा है, उस हिसà¥â€à¤¸à¥‡ की गरà¥à¤® सिकाई करने से à¤à¥€ आराम मिलता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं को करवट लेकर सोना चाहिठऔर अपने दोनों पैरों के बीच तकिया लगाकर रखना चाहिà¤à¥¤
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में मालिश की मदद से à¤à¥€ मांसपेशियों में दरà¥à¤¦ की वजह से हो रहे जोड़ों के दरà¥à¤¦ को कम किया जा सकता है। इस समय किसी पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¶à¤¨à¤² वà¥â€à¤¯à¤•à¥â€à¤¤à¤¿ से ही मालिश करवानी चाहिà¤à¥¤
अब तो आप जान गई होंगी कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में जोड़ों में दरà¥à¤¦ कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚ होता है और किस तरह इसे कम किया जा सकता है।
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